आंधी-बारिश में बिजली लाइन और खंभे टूटने से गांवों की आपूर्ति बाधित हो सकती है। जब इसी समय सड़कें भी डूब जाएं तो मरम्मत दल, किसानों और मरीजों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। इसलिए मौसम की तैयारी में बिजली, सड़क और स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त संपर्क जरूरी है।\n\nग्रामीण परिवारों को टूटे तारों से दूर रहना चाहिए और शिकायत दर्ज करने के लिए अधिकृत नंबर का इस्तेमाल करना चाहिए। विभाग को बहाली का अनुमान और जोखिम वाले क्षेत्र सार्वजनिक करने चाहिए।\n\nयूपी न्यूज़ डेस्क गांवों में बिजली और सड़क के वास्तविक असर की रिपोर्ट करेगा।
बिजली कटौती और जलभराव गांवों की रोजमर्रा की परेशानी बढ़ाते हैं

